हिम न्यूज़ धर्मशाला। पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन विभाग, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME), भारत सरकार के तत्वावधान में बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights – IPR) विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल के दूरदर्शी नेतृत्व में सम्पन्न हुआ, इस कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. सुमन शर्मा, स्कूल ऑफ ट्रैवल टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के डीन प्रो. आशीष नाग तथा विभाग के समस्त संकाय सदस्य मौजूद रहे।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों को बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व, इसके विभिन्न प्रकारों, तथा नवाचार और शोध के क्षेत्र में इसकी भूमिका के प्रति जागरूक करना रहा। वर्तमान समय में बौद्धिक संपदा अधिकार ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुका है, इसलिए इस विषय पर जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के प्रतिनिधि अनिल कुमार शुक्ला ने विशेष रूप से भाग लिया।
उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकारों की मूल अवधारणा, पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क तथा डिज़ाइन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि किस प्रकार वे अपने शोध, नवाचार और रचनात्मक कार्यों को कानूनी रूप से सुरक्षित कर सकते हैं। उनका व्याख्यान अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा। इस अवसर पर पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) तथा हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस MoU के माध्यम से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाओं तथा उद्योग से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।
इस कार्यक्रम में तिलक राज Dattopant Thengadi National Board for Workers Education and Development(DTNBWED) के क्षेत्रीय निदेशक भी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने वक्तव्य में लेवर कोड और लेवर कानुनों के बारे में हम सभी के बीच महत्वपूर्ण जानकरी रखी उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मृदु कौशल (soft skills) को सिखने के लिए प्रेरित किया ।
इस कार्यक्रम में यूनाइटेड एंड यूनाइटेड से एडवोकेट साक्षी अग्रवाल ने बौद्धिक संपदा विषय पर महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विधार्थियों और शोधार्थियों को जानकारी प्रदान की और उन्होंने अपने वक्तव्य में हमें बताया कि वर्तमान में बौद्धिक संपदा हमारे लिए क्युं आवश्यक है और आने वाले समय में यह किस प्रकार हमारे लिए उपयोगी हो सकता है कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभाग के सभी संकाय सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व को समझने और अपने नवाचारों की सुरक्षा के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित किया।