हिम न्यूज़ हमीरपुर। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) बठिंडा में आज 5वीं गवर्निंग बॉडी और 5वीं इंस्टीट्यूट बॉडी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सदस्य के रूप में भाग लिया। इन बैठकों में संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों, स्वास्थ्य सेवाओं तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठकों की अध्यक्षता एम्स बठिंडा की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नीरजा भाटला ने की, जबकि कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) रतन गुप्ता ने संस्थान की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में एम्स बठिंडा में मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर विचार किया गया।
पिछली गवर्निंग बॉडी बैठक में अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा एम्स परिसर में अमृत फार्मेसी के बाहर मरीजों की लंबी कतारों को लेकर उठाई गई चिंता पर भी चर्चा हुई। संस्थान प्रशासन ने जानकारी दी कि वर्तमान में अमृत फार्मेसी की चार शाखाएं तथा जन औषधि केंद्र की एक शाखा संचालित हो रही है। साथ ही एक नई अमृत फार्मेसी शीघ्र ही 13 काउंटरों के साथ शुरू की जा रही है, जिससे मरीजों की प्रतीक्षा अवधि में उल्लेखनीय कमी आएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि एम्स बठिंडा देश का पहला एम्स एवं राष्ट्रीय महत्व का संस्थान बन गया है जिसे चार प्रमुख डायग्नोस्टिक विभागों बायोकैमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी के 143 मानकों पर एनएबीएल मान्यता प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त एनएबीएच मान्यता की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
एम्स बठिंडा में मरीजों की संख्या और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2025 तक आईपीडी में भर्ती मरीजों की संख्या में लगभग 64 प्रतिशत तथा ओपीडी पंजीकरण में 18 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इसी अवधि में बेड ऑक्यूपेंसी 67.85 प्रतिशत से बढ़कर 89.86 प्रतिशत तक पहुंच गई है और बेड क्षमता को 750 से बढ़ाकर 923 कर दिया गया है।
बैठक में संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सुपर स्पेशलिटी और फेलोशिप कार्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा प्रणाली में सुधार के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। साथ ही वरिष्ठ फैकल्टी की कमी को देखते हुए लंबे समय से रिक्त प्रोफेसर और अतिरिक्त प्रोफेसर के पदों को असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों में परिवर्तित करने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार के समक्ष रखने का निर्णय लिया गया।
बैठक में एम्स बठिंडा द्वारा पंजाब सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दोहराया गया तथा मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।