ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश सरकार ने आरम्भ की कई योजनाएंः मुख्यमंत्री

हिम न्यूज़ शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान समाज के सभी वर्गों और प्रदेश के सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। व्यवस्था परिवर्तन की प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों, विधवाओं, एकल महिलाओं, किसानों, बागवानों और युवाओं के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं तैयार कर उन्हें धरातल पर लागू किया है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने आज चंबा जिले के भरमौर विधानसभा क्षेत्र के लिल्ह कोठी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विशेष दृष्टिकोण अपनाया है। व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से प्रदेश सरकार ने कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका के साधनों को बढ़ावा देना है।

सुक्खू ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री बनने के छः महीने बाद ही प्रदेश ने भयंकर प्राकृतिक आपदा का सामना किया लेकिन केंद्र सरकार से कोई मदद नहीं मिली। प्रदेश सरकार ने रिकॉर्ड समय में राज्य में फंसे 75 हजार से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया और साथ ही बिजली व पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। गंभीर आपदा के बीच प्रधानमंत्री ने राज्य को 1500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की जो आज तक नहंी मिले हैं।

प्रदेश भाजपा के नेताओं से भी कोई सहयोग नहीं मिला। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों को विशेष राहत पैकेज दिया जिसमेें नियमों में बदलाव करते हुए पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक सहायता 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये की गई। प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कार्य को विश्व बैेक और नीति आयोग ने भी सराहा।

मुख्यमंत्री ने कहा के प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ राज्य सरकार को राजनीतिक संकट का सामना भी करना पड़ा जब भाजपा ने कांग्रेस के कुछ विधायकों को चोरी कर जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया। मुख्यमंत्री ने वर्तमान में चल रही भाजपा की पदयात्रा पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि वोट चोरी करने वालों को इसका कोई अधिकार नहीं है। पदयात्रा की सही हकदार कांग्रेस पार्टी है जिसने संविधान के माध्यम से देश की जनता को लोकतंत्र का अधिकार और वोट की ताकत दी।

सुक्खू ने शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में आज हिमाचल प्रदेश देश भर में पांचवें स्थान पर है लेकिन भाजपा को बताना चाहिए कि उनकी सरकार के कार्यकाल में 21वें स्थान पर क्यों पहंुच गया था। पूर्व सरकार के कार्यकाल में हालात यह बन गए थे कि पांचवीं कक्षा का विद्यार्थी दूसरी कक्षा की किताब पढ़ने में भी असमर्थ था। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलें तथा सीबीएसई और राज्य स्कूली शिक्षा बोर्ड में कोई अंतर न हो, इस उद्देश्य से सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से कोई सहयोग नहीं मिलने के बावजूद प्रदेश सरकार अपने संसाधनों को लगातार बढ़ा रही है। यह पहली सरकार है जो प्रदेश के हितों को बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही है। हमने कई मामलों में जीत हासिल कर ली है जिससे राज्य को हजारों करोड़ रुपये की आमदनी होगी। किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना में राज्य सरकार ने अपनी शर्तों पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर 3000 करोड़ रुपये बचाने में सफलता प्राप्त की और अब इस परियोजना के पूरा होने पर वर्ष 2032 में राज्य के खजाने में 1500 करोड़ रुपये आएंगे।

उन्होंने कहा कि शिमला के वाइल्ड फ्लावर हॉल के मामले में भी सर्वाेच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया है जिससे 401 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है तथा 30 साल में 1200 करोड़ रुपये की आय होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आम परिवार से मुख्यमंत्री के पद तक पहंुचे हैं और लोगों के दुख को भली-भांति समझते हैं। इसीलिए सरकार ने ऐसी योजनाओं को धरातल पर उतारा है जिनसे समाज के सभी वर्गांे को लाभ मिले और प्रदेश आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सके।

उन्होंने कहा कि सरकार समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए राज्य सरकार मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत 27 वर्ष तक की आयु वाले 6 हजार अनाथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, जेब खर्च का वहन करने के साथ-साथ गृह निर्माण और विवाह के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना के अंतर्गत विधवा महिलाओं के बच्चों की व्यावसायिक शिक्षा का खर्च भी सरकार वहन कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्दी ही ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू करने जा रही है जिसके अंतर्गत प्रदेश में 75 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले तीन लाख से अधिक परिवारों की 21 से 59 वर्ष तक की महिलाओं को 1500-1500 रुपये, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की सुविधा प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने विकास की अनदेखी कर सिर्फ समय व्यतीत किया और जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया। पूर्व सरकार ने भरमौर विधानसभा क्षेत्र की भी पूरी तरह अनदेखी की और यहां के लोगांे को स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का लाभ नहीं मिला। भरमौर क्षेत्र का विकास कांग्रेस सरकार में ही हुआ और अब इसमें और तेजी लाई गई है।

सुक्खू ने होली-उत्तराला सड़क के निर्माण के लिए 18 करोड़ रुपये जारी करने, भरमौर विधानसभा क्षेत्र के लिल्ह, मैहला, भरमौर, सुनारा और होली में सीबीएसई स्कूल खालने की घोषणाएं कीं। इन स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीसएसई पाठ्यक्रम में दाखिले होंगे, जबकि अध्यापकों की भर्ती के लिए प्रक्रिया पहले ही आरम्भ कर दी गई है।

उन्होंने भरमौर विधानसभा क्षेत्र की 27 ग्राम पंचायतों को जनजातीय दर्ज़ा देने के लिए एक कमेटी के गठन की घोषणा भी की जो केंद्र सरकार से इस मामले को उठाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने चूड़ी, चड़ी, अनानैहर, ग्रूंडी और कुनैड़ स्कूलों को स्तरोन्नत करने और भरमौर विधानसभा क्षेत्र में किसी उपयुक्त स्थान पर हेलीपेड निर्माण पर विचार करने का आश्वासन भी दिया।

एपीएमसी चम्बा के अध्यक्ष ललित ठाकुर ने क्षेत्र के चहुमुखी विकास के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा विभिन्न मांगों को उनके समक्ष रखा।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव अमित भरमौरी और चम्बा जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत चौधरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

विधायक नीरज नैयर , पूर्व मंत्री आशा कुमारी, वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, अनुसूचित जाति एवं जनजाति निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल और जिला परिषद अध्यक्षा रेखा ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।