हिम न्यूज़ धर्मशाला । भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने कैंसर की दवाओं की कीमतों में भारी कटौती करने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है, जबकि हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था मरीजों की परेशानियां कम करने में विफल नजर आ रही है।

राकेश जम्वाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने कैंसर की 137 श्रेणियों की 543 ब्रांडेड दवाओं की कीमतों में कटौती का निर्णय लिया है। इसके साथ ही गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन को 30 प्रतिशत तक सीमित करने की व्यवस्था की गई है। इस फैसले से कई दवाओं की कीमतों में बड़ी कमी आने और मरीजों के उपचार का खर्च घटने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कैंसर का इलाज पहले ही परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डालता है। ऐसे में दवाओं को सस्ता करना लाखों मरीजों के लिए बड़ी राहत है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करवाने के लिए सालाना ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध करवा रही है। इसके अतिरिक्त 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए, उनकी आय की परवाह किए बिना, स्वास्थ्य कवर का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी जरूरतमंद को उपचार से वंचित न रहना पड़े।
इसके विपरीत, राकेश जम्वाल ने हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, हिमकेयर के भुगतान और मरीजों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और रोबोटिक सर्जरी जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं, आवश्यक दवाओं और चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकारी अस्पतालों में पैरासिटामोल जैसी सामान्य दवाओं, मेडिकल ग्लव्स और अन्य आवश्यक सामग्री की कमी की शिकायतें सामने आती हैं, तो सरकार को उनका तत्काल समाधान करना चाहिए। आधुनिक तकनीक का स्वागत है, लेकिन सबसे पहले यह सुनिश्चित होना चाहिए कि आम मरीज को समय पर डॉक्टर, दवा, जांच और जरूरी उपचार उपलब्ध हो। सरकार को रोबोटिक सर्जरी की लागत और मरीजों से लिए जा रहे शुल्क की स्थिति भी स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि अत्याधुनिक उपचार केवल आर्थिक रूप से संपन्न लोगों तक सीमित न रह जाए।
राकेश जम्वाल ने हिमकेयर योजना को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि योजना के भुगतान और इसके लाभार्थियों को उपचार मिलने की स्थिति पर सरकार को पारदर्शी जानकारी देनी चाहिए। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए स्वास्थ्य योजनाएं जीवनरेखा होती हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की देरी या सुविधा में कमी का सीधा असर मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल के जनजातीय और दूरदराज के क्षेत्रों में दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती और आपातकालीन उपचार की व्यवस्था विशेष प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकार को स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों को भरने, अस्पतालों में जरूरी दवाइयों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और मरीजों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
राकेश जम्वाल ने कहा कि केंद्र सरकार कैंसर की दवाएं सस्ती कर और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाकर जनता को राहत देने का काम कर रही है। हिमाचल सरकार को भी राजनीतिक दावों से आगे बढ़कर आम जनता को सस्ता, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करवाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का कैंसर मरीजों को राहत देने वाले निर्णय के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य मरीजों की पीड़ा और आर्थिक बोझ कम करना होना चाहिए।