हिम न्यूज़, शिमला । भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने शिमला के होटल ध्रुव में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को लेकर आयोजित बैठक में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस को सबसे पहले अपने राजनीतिक इतिहास और आचरण पर आत्ममंथन करना चाहिए।
डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सवाल उठाते हैं, लेकिन कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति उसकी अपनी प्रतिबद्धता कितनी मजबूत रही है। उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल लगाने का इतिहास कांग्रेस से जुड़ा है और आज उसी पार्टी के नेता लोकतंत्र के सबसे बड़े संरक्षक होने का दावा करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक असफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए बार-बार संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास करती है। चुनावी परिणाम अनुकूल होने पर लोकतंत्र की जीत बताना और प्रतिकूल होने पर संस्थाओं पर आरोप लगाना कांग्रेस की दोहरी राजनीतिक सोच को दर्शाता है।
डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के अनेक महत्वपूर्ण कदम देखे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की राजनीति राष्ट्रहित, विकास और जनसेवा पर केंद्रित है, जबकि कांग्रेस नकारात्मक राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप में उलझी हुई है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को भी जनता से किए गए वादों पर जवाब देना चाहिए। बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक स्थिति और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक विवादों को प्राथमिकता दे रही है।
डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि **1 नवंबर को शिमला में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा** के माध्यम से भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएगी और कांग्रेस की नीतियों पर जनता के सामने सवाल रखेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से जनहित के मुद्दे उठाती रहेगी और कांग्रेस सरकार से जनता के प्रति जवाबदेही की मांग करती रहेगी।
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