हिम न्यूज़, शिमला; हिमाचल प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी और तकनीकी क्षेत्र बदलाव की नई इबारत लिख रहा है। एआई के दौर में युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाया जा रहा है और उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। तकनीकी शिक्षा के छात्रों, शिक्षण संस्थानों और रोजगार प्रदाताओं को एकीकृत प्रणाली के माध्यम से जोड़कर तकनीकी शिक्षा विभाग ने ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल शुरू किया है। यह अपनी तरह का पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य हिमाचल प्रदेश में प्लेसमेंट और भर्ती प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाना है।
तकनीकी रोजगार सेतु पोर्टल युवाओं और उद्योगों के बीच एक प्रभावी सेतु काम कर रहा है। यह पोर्टल एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्र अपनी प्रोफाइल, अपनी कौशल क्षमताओं का प्रदर्शन, प्रशिक्षण एवं प्रमाणपत्रों का विवरण अपलोड कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त रोजगार के अवसर, ऑनलाइन आवेदन तथा अपने प्लेसमेंट की स्थिति की निगरानी भी कर सकते हैं। यह पहल छात्रों को रोजगार के अवसरों और उद्योगों की आवश्यकताओं तक सीधी पहुंच प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाएगी। इस पोर्टल पर 164 संस्थान पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें 136 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, 18 पॉलिटेक्निक संस्थान, 5 इंजीनियरिंग कॉलेज तथा 5 फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं।
इस पोर्टल के माध्यम से नियोक्ता पात्र उम्मीदवारों की प्रोफाइल देखकर भर्ती प्रक्रिया करेंगे और सफल नियुक्तियों की जानकारी विभाग को उपलब्ध करवा सकेंगे। यह एकीकृत प्रणाली नियोक्ताओं और नौकरी के इच्छुक युवाओं के बीच पारदर्शी एवं प्रभावी संवाद सुनिश्चित करेगी तथा भर्ती प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी को कम करेगी। तकनीकी रोजगार सेतु पोर्टल उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाने तथा कुशल युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उपलब्ध करवाने के लिए एक विश्वसनीय मंच साबित हो रहा है।
हिम एक्सेस राज्य का सिंगल साइन-ऑन और डिजिटल पहचान प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए विभिन्न सरकारी सेवाओं और एप्लीकेशनों तक पहुंच का एक साझा प्रमाणीकरण तंत्र उपलब्ध करवाता है। हिम एक्सेस इंटीग्रेशन पोर्टल के माध्यम से अब तक 26,168 छात्रों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 23,054 छात्रों की कौशल मैपिंग पूरी हो चुकी है। इसके अतिरिक्त अब तक 97 नियोक्ता भी इस पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इस पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर जैसे कुशल श्रमिकों की सेवाएं अल्प अवधि के कार्यों के लिए भी प्राप्त की जा सकेंगी।
प्रदेश के युवाओं को वैश्विक तकनीकी दक्षता, कौशल विकास और नवाचार से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा एक्सपोजर विजिट आयोजित करवाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट के अंतर्गत प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के 30 प्रशिक्षुओं ने कजाकिस्तान के अल्माटी में समाल वाटर बॉटलिंग प्लांट, राखात चॉकलेट फैक्ट्री और ग्रीन मार्केट की कार्य प्रणाली की जानकारी हासिल की। इस दौरान प्रशिक्षु वैश्विक औद्योगिक प्रणालियों, आधुनिक तकनीकों तथा अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति से परिचित हुए। एक्सपोजर विजिट के इस क्रम में प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों के बी.टेक. के 44 मेधावियांे नेे जापान का अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण किया। विद्यार्थी टोक्यो मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी, जेएएक्सए त्सुकुबा स्पेस सेंटर, साइबरडाइन रोबोटिक्स स्टूडियो, जेएएल एयरोस्पेस फैक्ट्री, क्योसेरा फैक्ट्री तथा ओसाका स्थित विभिन्न उद्योगों में उपयोग में आने वाली तकनीकों से रू-ब-रू हुए।
इस शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, एयरोस्पेस, उन्नत विनिर्माण, नवाचार और आधुनिक परिवहन प्रणालियों का ज्ञान अर्जित किया। इस एक्सपोजर विजिट ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया और इस प्रकार के वैश्विक शैक्षणिक भ्रमण राज्य सरकार की मेधावी युवाओं को वैश्विक अनुभव प्रदान करने, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने तथा नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार तकनीकी रूप से सक्षम कार्यबल तैयार करने के साथ-साथ डिजिटल आधारभूत अधोसंरचना को भी मजबूत कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग और आईटीआई संस्थानों को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है ताकि प्रशिक्षुओं को नवाचार के नए अवसर प्रदान किए जाए। इस क्रम में राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के लिए 35.34 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश तकनीकी दक्षता के साथ निरन्तर आगे बढ़ रहा है। विद्यार्थियों को न्यू-एज आधारित व्यवसायिक शिक्षा प्रदान कर उनका कौशल संवर्धन किया जा रहा है। प्रदेश में नवाचारों के लिए एक मजबूत स्टार्ट-अप सिस्टम तैयार करने के साथ-साथ विद्यार्थियों की सॉफ्ट स्किल को भी विकसित किया जा रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी के बदलते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार तकनीकी क्षेत्र की नई सम्भावनाओं का उपयोग करने की दिशा में कार्य कर रही है। इन सभी कदमों से हिमाचल देश के उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में अपनी पहचान कायम कर रहा है।
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इस पोर्टल के माध्यम से नियोक्ता पात्र उम्मीदवारों की प्रोफाइल देखकर भर्ती प्रक्रिया करेंगे और सफल नियुक्तियों की जानकारी विभाग को उपलब्ध करवा सकेंगे। यह एकीकृत प्रणाली नियोक्ताओं और नौकरी के इच्छुक युवाओं के बीच पारदर्शी एवं प्रभावी संवाद सुनिश्चित करेगी तथा भर्ती प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी को कम करेगी। तकनीकी रोजगार सेतु पोर्टल उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाने तथा कुशल युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उपलब्ध करवाने के लिए एक विश्वसनीय मंच साबित हो रहा है।
हिम एक्सेस राज्य का सिंगल साइन-ऑन और डिजिटल पहचान प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए विभिन्न सरकारी सेवाओं और एप्लीकेशनों तक पहुंच का एक साझा प्रमाणीकरण तंत्र उपलब्ध करवाता है। हिम एक्सेस इंटीग्रेशन पोर्टल के माध्यम से अब तक 26,168 छात्रों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 23,054 छात्रों की कौशल मैपिंग पूरी हो चुकी है। इसके अतिरिक्त अब तक 97 नियोक्ता भी इस पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इस पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर जैसे कुशल श्रमिकों की सेवाएं अल्प अवधि के कार्यों के लिए भी प्राप्त की जा सकेंगी।
प्रदेश के युवाओं को वैश्विक तकनीकी दक्षता, कौशल विकास और नवाचार से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा एक्सपोजर विजिट आयोजित करवाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट के अंतर्गत प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के 30 प्रशिक्षुओं ने कजाकिस्तान के अल्माटी में समाल वाटर बॉटलिंग प्लांट, राखात चॉकलेट फैक्ट्री और ग्रीन मार्केट की कार्य प्रणाली की जानकारी हासिल की। इस दौरान प्रशिक्षु वैश्विक औद्योगिक प्रणालियों, आधुनिक तकनीकों तथा अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति से परिचित हुए। एक्सपोजर विजिट के इस क्रम में प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों के बी.टेक. के 44 मेधावियांे नेे जापान का अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण किया। विद्यार्थी टोक्यो मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी, जेएएक्सए त्सुकुबा स्पेस सेंटर, साइबरडाइन रोबोटिक्स स्टूडियो, जेएएल एयरोस्पेस फैक्ट्री, क्योसेरा फैक्ट्री तथा ओसाका स्थित विभिन्न उद्योगों में उपयोग में आने वाली तकनीकों से रू-ब-रू हुए।
इस शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, एयरोस्पेस, उन्नत विनिर्माण, नवाचार और आधुनिक परिवहन प्रणालियों का ज्ञान अर्जित किया। इस एक्सपोजर विजिट ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया और इस प्रकार के वैश्विक शैक्षणिक भ्रमण राज्य सरकार की मेधावी युवाओं को वैश्विक अनुभव प्रदान करने, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने तथा नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार तकनीकी रूप से सक्षम कार्यबल तैयार करने के साथ-साथ डिजिटल आधारभूत अधोसंरचना को भी मजबूत कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग और आईटीआई संस्थानों को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है ताकि प्रशिक्षुओं को नवाचार के नए अवसर प्रदान किए जाए। इस क्रम में राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के लिए 35.34 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश तकनीकी दक्षता के साथ निरन्तर आगे बढ़ रहा है। विद्यार्थियों को न्यू-एज आधारित व्यवसायिक शिक्षा प्रदान कर उनका कौशल संवर्धन किया जा रहा है। प्रदेश में नवाचारों के लिए एक मजबूत स्टार्ट-अप सिस्टम तैयार करने के साथ-साथ विद्यार्थियों की सॉफ्ट स्किल को भी विकसित किया जा रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी के बदलते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार तकनीकी क्षेत्र की नई सम्भावनाओं का उपयोग करने की दिशा में कार्य कर रही है। इन सभी कदमों से हिमाचल देश के उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में अपनी पहचान कायम कर रहा है।
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