कांग्रेस सरकार कुशासन, कुप्रबंधन, कुनीति और कुव्यवस्था का पर्याय बन चुकी है, हिमाचल का विकास रोक रही सुक्खू सरकार : जगत प्रकाश नड्डा

हिम न्यूज़ कुल्लू। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कुल्लू जिले के पतलीकूहल स्थित मेला मैदान में आयोजित जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के लगभग चार वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश विकास के बजाय कुशासन, कुप्रबंधन, कुनीति और कुव्यवस्था का सामना कर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा विकास और जनकल्याण के लिए उपलब्ध करवाई गई बड़ी धनराशि का भी प्रदेश सरकार समय पर उपयोग नहीं कर पा रही है।

नड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बार-बार केंद्र सरकार पर हिमाचल प्रदेश की उपेक्षा का आरोप लगाते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने प्रदेश को सड़क, रेल, स्वास्थ्य, ऊर्जा, उद्योग और जनकल्याण के क्षेत्र में व्यापक सहायता उपलब्ध करवाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को केंद्र पर आरोप लगाने के बजाय यह बताना चाहिए कि उपलब्ध करवाई गई धनराशि का समयबद्ध उपयोग क्यों नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी समस्या प्रशासनिक कुप्रबंधन है। सरकार ने सत्ता में आते ही अनेक शिक्षण संस्थानों और स्वास्थ्य संस्थानों को बंद करने के निर्णय लिए तथा पूर्व सरकार के समय प्रारंभ किए गए विकास कार्यों को प्रभावित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का किया उल्लेख

नड्डा ने हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों की सफलता पर कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन चुनावों के परिणाम भाजपा के संगठनात्मक आधार और जनता के समर्थन को दर्शाते हैं।

उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि धर्मशाला नगर निगम में 17 में से 11, मंडी में 14 में से 12 तथा कुल 63 वार्डों में से 37 पर भाजपा की जीत हुई है। उन्होंने जिला परिषद चुनावों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि 251 में से 190 सीटों पर भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों की जीत का दावा संगठन के लिए उत्साहजनक है।

नड्डा ने कुल्लू, लाहौल-स्पीति और अन्य क्षेत्रों में भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों को मिली सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने मनाली क्षेत्र में चारों सीटों पर जीत का दावा करते हुए कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन परिणामों को संगठन के लिए जनता से निरंतर जुड़े रहने और जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी के रूप में देखना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के शासकीय नेतृत्व का उल्लेख

नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासकीय नेतृत्व के 25 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रारंभ हुई उनकी शासकीय यात्रा ने 7 अक्टूबर 2026 को 25 वर्ष पूरे किए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण को अपने सार्वजनिक जीवन का आधार बनाया है। विकसित भारत 2047 का संकल्प देश को नई दिशा देने वाला है।

नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने आर्थिक विकास, आधारभूत ढांचे, डिजिटल प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने भारत की तेज आर्थिक वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि देश विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपना स्थान मजबूत कर रहा है।

स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन पर कांग्रेस सरकार से मांगा हिसाब

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को स्वीकृत लगभग ₹360 करोड़ की राशि का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 15 क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जाने थे, लेकिन उनके अनुसार अभी तक केवल एक का निर्माण पूरा हुआ है। इसी प्रकार 12 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब्स में से केवल एक के पूरा होने और 73 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट में से किसी के भी संचालन में नहीं आने का दावा उन्होंने किया।

नड्डा ने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने धनराशि उपलब्ध करवाई और योजना की अवधि भी वर्ष 2027 तक बढ़ाई गई है। उन्होंने चेताया कि समय पर कार्य पूरे नहीं होने की स्थिति में स्वीकृत धनराशि के उपयोग को लेकर गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि अस्पतालों, क्रिटिकल केयर सुविधाओं, प्रयोगशालाओं और प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को समय पर संचालित करने से होता है।

ऊना बल्क ड्रग पार्क पर सरकार को घेरा

नड्डा ने कहा कि ऊना में बल्क ड्रग पार्क की स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने ₹1,000 करोड़ की सहायता का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए ₹225 करोड़ की पहली किस्त जारी की जा चुकी है।

उन्होंने अपने संबोधन में दावा किया कि राज्य सरकार अभी तक जारी राशि में से लगभग ₹12 करोड़ ही खर्च कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी और अन्य प्रक्रियाओं में देरी के कारण इसका कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सका।

नड्डा ने कहा कि इस प्रकार की औद्योगिक परियोजनाएं प्रदेश में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की क्षमता रखती हैं। राज्य सरकार को इनके क्रियान्वयन में तेजी लानी चाहिए।

उन्होंने मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए प्रस्तावित ₹100 करोड़ की केंद्रीय सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस परियोजना के संबंध में लिए गए निर्णयों पर भी गंभीर प्रश्न उठते हैं।

15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग पर सवाल

नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को ₹521 करोड़ उपलब्ध करवाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार इस राशि का लगभग 52 प्रतिशत ही उपयोग कर पाई और शेष धनराशि का उपयोग नहीं हो सका।

उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार विकास के लिए संसाधन उपलब्ध करवा रही है, तब प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है कि योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करे।

सड़क, रेल और स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र की उपलब्धियां गिनाईं

नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कुल्लू-मनाली सड़क संपर्क, फोरलेन परियोजनाओं और राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि कुल्लू से मनाली के बीच सड़क की मरम्मत एवं सुधार के लिए लगभग ₹468 करोड़ उपलब्ध करवाए गए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से पर्यटन, व्यापार और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।

नड्डा ने भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दिसंबर 2027 तक बिलासपुर रेल संपर्क के लक्ष्य का उल्लेख किया तथा आरोप लगाया कि बिलासपुर से बैरी तक भूमि अधिग्रहण और म…