राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से लगभग 6.81 लाख लंबित राजस्व मामलों का निपटारा

हिम न्यूज़, शिमला : राज्य सरकार द्वारा प्रदेशवासियों को पारदर्शी जवाबदेह एवं जनोन्मुखी सुशासन उपलब्ध करवाने के लिए उठाए गए प्रभावी कदमों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सरकारी सेवाओं को सरल, सहज और सुगम बनाया जा रहा है, ताकि आमजन को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए शुरू की गई राजस्व लोक अदालतों और विशेष राजस्व लोक अदालतों की अभिनव पहल कारगर साबित हो रही है। इन लोक अदालतों के आयोजन से प्रदेशभर में 5,44,000 से अधिक इंतकाल के मामलों, 47,333 तकसीम के मामलों तथा 63,000 से अधिक निशानदेही के मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा सुनिश्चित किया गया है। इसके अतिरिक्त, राजस्व अभिलेख में 26,288 दुरुस्ती कार्य भी किए गए हैं।

लंबित राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे के लिए अक्तूबर, 2023 से प्रत्येक माह के अंतिम दो दिनों में तहसील और उप-तहसील मुख्यालयों पर राजस्व लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। जनवरी, 2026 से तकसीम और राजस्व दस्तावेजों में सुधार से संबंधित मामलों के समाधान के लिए प्रत्येक सप्ताह मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को तीन दिनों तक विशेष राजस्व लोक अदालतें आयोजित की जा रही हैं। इन लोक अदालतों के आयोजन से लोग उत्साहित हैं क्योंकि ये पहल लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र समाधान के लिए एक प्रभावी मंच साबित हो रही हैं। राज्य सरकार की इस पहल से राजस्व मामलों की लंबित संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।

यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रही है। पूर्व में, लोगों को भूमि संबंधी मामलों के निपटारे के लिए बार-बार राजस्व कार्यालय में जाना पड़ता था, जिससे समय और धन भी अधिक व्यय होता था। प्रदेश सरकार ने लोगों को मामलों के समयबद्ध समाधान के लिए उपयुक्त मंच उपलब्ध करवाया जिससे भूमि मालिकों का बहुमूल्य समय और पैसा दोनों की बचत हो रही है। लोगों की ओर से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया यह प्रदर्शित कर रही है कि इस नागरिक-केंद्रित पहल पर लोगों का विश्वास बढ़ रहा है।

राजस्व लोक अदालतें राजस्व संबंधित दस्तावेजों में सुधार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इनके माध्यम से आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं तथा भूमि से संबंधित विवादों का समयबद्ध निपटारा किया जा रहा है। इस पहल से प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिल रही है तथा प्रदेश के लोगों के लिए प्रशासनिक कार्य अधिक सुगम हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को पारदर्शी, जवाबदेह और उत्तरदायी प्रशासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामले परिवारों और भूमि मालिकों के हितों से सीधे जुड़े होते हैं और इसलिए इनका समयबद्ध समाधान सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से भारी संख्या में मामलों का निपटारा सरकार की लंबित मामलों के समाधान और लोगों को उनकी सुविधा के अनुसार राहत प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सुधारात्मक प्रक्रियाओं को आगे भी जारी रखेगी और उन व्यवस्थाओं को मजबूत करेगी, जिनसे सरकारी सेवाएं त्वरित और सुगमता से लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को अपने वैध मामलों के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और न ही अनावश्यक समय एवं धन खर्च करना पड़े। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल प्रदेश में लोगों के जीवन को सुगम बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और जन-केंद्रित शासन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।