सेवा और विकसित भारत-2047 का संकल्प लेगा हिमाचल

हिम न्यूज़ शिमला। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्यालय दीपकमल, चक्कर में सोमवार को प्रदेश स्तरीय मैराथन बैठकों का आयोजन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की अध्यक्षता में किया गया। बैठकों में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, सह प्रभारी संजय टंडन, संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर, सुरेश भारद्वाज, सतपाल सत्ती, सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, वरिष्ठ नेता सुरेश चंदेल, शिशु धर्मा और पायल वैद्य सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठकों के प्रथम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसके बाद दोपहर 3 बजे भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों और प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ जन आंदोलनों की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

25 वर्ष ‘Dedicated to Service’, 17 सितंबर से पूरे प्रदेश में सेवा का महाअभियान

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष 7 अक्टूबर को पूर्ण होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने सेवा को अपने सार्वजनिक जीवन का लक्ष्य बनाया और समाज के प्रत्येक वर्ग—गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जरूरतमंद—के कल्याण के लिए निरंतर कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे देश के साथ हिमाचल प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। यह केवल जन्मदिवस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के जनमानस को सेवा के प्रति संकल्पित करने तथा 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने का अभियान होगा।

डॉ. बिंदल ने कहा कि 17 सितंबर को प्रदेशभर में लोग सेवा और विकसित भारत-2047 के संकल्प का दीपक जलाएंगे। इसी दिन भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। भाजपा का प्रयास रहेगा कि प्रदेश में ब्लड बैंकों की आवश्यकता और क्षमता के अनुरूप अधिकतम रक्तदान सुनिश्चित किया जाए।

बच्चों से लेकर महिलाओं तक की भागीदारी, सेवा के अनेक आयामों पर होंगे कार्यक्रम

डॉ. बिंदल ने कहा कि अभियान के दौरान बच्चों के लिए ‘मेरा भारत—कैसा था, कैसा है और 2047 में कैसा होगा’ विषय पर पेंटिंग एवं भाषण प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। विकसित भारत की परिकल्पना और सेवा की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ‘सेवा में मेरा योगदान’ की भावना के साथ स्वच्छता अभियान, रक्तदान, चिकित्सा सेवा, अनाथालयों एवं वृद्धाश्रमों में सेवा, जल संरक्षण, पौधारोपण सहित विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महिला कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, सेवा संकल्प और विकसित भारत-2047 की परिकल्पना पर रंगोली सहित विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में पूरे एक महीने का विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है और इसे संगठन के प्रत्येक स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा।

अगस्त में 121 आंदोलन, सितंबर में 170 स्थानों पर कांग्रेस सरकार को घेरेगी भाजपा

डॉ. बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा ने जुलाई में ही घोषणा की थी कि अगस्त माह में प्रदेश के स्थानीय मुद्दों को लेकर व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इसी क्रम में अगस्त में 121 स्थानों पर जन आंदोलन आयोजित किए गए। इनमें टूटी सड़कों, विकास कार्यों की तालाबंदी, कांग्रेस की अधूरी गारंटियों और स्थानीय जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त 17 जिला स्तरीय प्रदर्शन बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर किए गए और कांग्रेस सरकार से रोजगार के नाम पर किए गए वादों का हिसाब मांगा गया।

डॉ. बिंदल ने घोषणा की कि सितंबर में भाजपा 170 स्थानों पर स्थानीय मुद्दों को लेकर जन आंदोलन करेगी। इसके साथ 17 जिला स्तरीय प्रदर्शन महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले महिलाओं, युवाओं और बेरोजगारों को बड़े-बड़े सपने दिखाए, लेकिन सत्ता में आने के बाद गारंटियां पूरी करने में विफल रही।

नौकरियों की गारंटी का क्या हुआ, कांग्रेस सरकार जवाब दे

डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता हासिल करने के लिए बेरोजगार युवाओं से सरकारी रोजगार के बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार के लगभग चार वर्ष पूरे होने के बावजूद युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार में 1.07 लाख पद रिक्त हैं और स्थायी तथा पेंशन वाली सरकारी नौकरियों को लेकर कांग्रेस की चुनावी गारंटियां धरातल पर नहीं उतरी हैं।

उन्होंने कहा कि अब चुनावी समय नजदीक आते देख कांग्रेस फिर से गारंटियों के नाम पर जनता को भ्रमित करने का प्रयास करेगी, लेकिन हिमाचल की जनता सरकार के कामकाज को देख चुकी है। भाजपा गांव, पंचायत, मंडल और जिला स्तर पर कांग्रेस सरकार से उसके प्रत्येक वादे का हिसाब मांगेगी।

पंचायतों के पैसे पर सरकार की नजर, चुने प्रतिनिधियों के अधिकारों पर कैंची

डॉ. बिंदल ने पंचायती राज संस्थाओं के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि पहले पंचायत चुनावों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रही और अब निर्वाचित पंचायतों के वित्तीय अधिकारों में हस्तक्षेप किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग के माध्यम से पंचायतों में विकास कार्यों के लिए पहुंच रही राशि को लेकर वित्त विभाग के निर्देशों के आधार पर बीडीओ द्वारा पंचायत प्रधानों की बैठकें बुलाए जाने और 50 प्रतिशत राशि आईपीएच एवं पीडब्ल्यूडी विभाग को जमा कराने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। डॉ. बिंदल ने कहा, “यह सीधे-सीधे पंचायती राज संस्थाओं और जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के अधिकारों पर कैंची चलाने का प्रयास है। भाजपा इसका कड़ा विरोध करती है और पंचायतों के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।”

उन्होंने कहा कि पंचायतों को प्राप्त विकास राशि का उपयोग निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा नियमानुसार स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित के कार्यों के लिए होना चाहिए। कांग्रेस सरकार पंचायतों को कमजोर करने के बजाय उन्हें स्वतंत्र रूप से विकास कार्य करने दे।

हिमाचल को मोदी सरकार ने विकास की मुख्यधारा से जोड़ा

डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश को अभूतपूर्व विकास परियोजनाएं मिली हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 20 हजार किलोमीटर सड़कों में से करीब 15 हजार किलोमीटर सड़कें मोदी कार्यकाल में बनी हैं। फोरलेन परियोजनाओं, अटल टनल रोहतांग, सीमावर्ती क्षेत्रों में बीआरओ की सड़कों के सुदृढ़ीकरण और रेल विस्तार को भी उन्होंने केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, जनधन और बीमा योजनाओं से हिमाचल के लाखों परिवारों को लाभ मिला है। एम्स बिलासपुर, आईआईएम और मेडिकल कॉलेजों सहित स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार ने हिमाचल को बड़ी सहायता दी है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं में हिमाचल के लिए 90:10 के वित्तपोषण अनुपात को बहाल करने से प्रदेश को विकास योजनाओं में बहुत बड़ा आर्थिक लाभ मिला। उन्होंने कहा कि हिमाचल के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष लगाव रहा है और पिछले वर्षों में केंद्र ने प्रदेश को विकास के हर क्षेत्र में भरपूर सहयोग दिया है।

लॉटरी के नाम पर परिवारों को बर्बादी की ओर धकेल रही कांग्रेस सरकार

प्रदेश में लॉटरी व्यवस्था शुरू करने के मुद्दे पर डॉ. बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार राजस्व के लिए हिमाचल के लोगों के सामाजिक और आर्थिक भविष्य को दांव पर नहीं लगा सकती।उन्होंने कहा कि लॉटरी व्यवस्था के गंभीर सामाजिक दुष्परिणामों को देखते हुए पूर्व में इसे बंद किया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल की सरकार ने व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया था। डॉ. बिंदल ने कहा, “कुछ राजस्व कमाने के लिए हजारों परिवारों के जीवन को संकट में डालने का अधिकार सरकार को नहीं है। हिमाचल प्रदेश की जनता और भारतीय जनता पार्टी को लॉटरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को आय बढ़ाने के लिए विकास, निवेश, पर्यटन, उद्योग और रोजगार के स्थायी साधनों पर काम करना चाहिए, न कि ऐसी व्यवस्था को दोबारा शुरू करना चाहिए जिसके सामाजिक दुष्परिणाम परिवारों को प्रभावित कर सकते हैं।

डॉ. बिंदल ने कहा कि आने वाला महीना भाजपा के लिए एक ओर सेवा, सामाजिक सरोकार और विकसित भारत-2047 के संकल्प का महीना होगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस सरकार की जवाबदेही तय करने का भी समय होगा। भाजपा सेवा के माध्यम से समाज के बीच जाएगी और जन आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस सरकार से उसकी गारंटियों और कार्यप्रणाली का हिसाब भी मांगेगी।