हिम न्यूज़ शिमला। विधानसभा की कार्यवाही में प्रश्नकाल के दौरान ही भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने सदन से वॉकआउट किया। पत्रकारों से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर सदन में राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया था। यह आरोप बेहद गंभीर हैं। हमने विधानसभा अध्यक्ष से सदन की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी, लेकिन हमें नहीं मिली। वह रिकॉर्डिंग जानबूझकर छिपाई जा रही है, क्योंकि किसी भी विपक्ष के विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान किया ही नहीं है।

नेता विपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी आदत के अनुसार, हर बार की तरह इस बार भी झूठ बोल रहे थे। उनका झूठ वीडियो में पकड़ा जाएगा, इसलिए वीडियो नहीं जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुःख इस बात का है कि मुख्यमंत्री के झूठ को बेनकाब करने के बजाय अध्यक्ष महोदय उनके झूठ पर पर्दा डाल रहे हैं और कार्यवाही का वीडियो जारी नहीं कर रहे हैं। वह वीडियो हमारा हक है। जयराम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रगीत के मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देश की संसद में राष्ट्रगीत का गायन हुआ है। संविधान और संसद से ऊपर कुछ नहीं हैं। लेकिन मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि हम कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फरमान पर कायम हैं। देश संविधान से चलेगा, कांग्रेस परिवार के फरमान से नहीं।
आज विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायक दल ने विधानसभा परिसर में जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। भाजपा विधायक दल ने मुख्यमंत्री द्वारा दिए जा रहे भ्रष्टाचार के संरक्षण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। विधायक दल ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछा कि जो पाँच अटैचियाँ सुक्खू सरकार द्वारा इकट्ठी की जा रही हैं, वे कहाँ से आ रही हैं और कहाँ जा रही हैं?
पत्रकारों से बात करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि आज तक हिमाचल में ऐसी सरकार नहीं देखी, जिसका काम ही भ्रष्टाचार हो। कांग्रेस के नेताओं ने ही मुख्यमंत्री द्वारा अटैचियाँ इकट्ठी करने की बात सामने लाई है। वह कांग्रेस के उपाध्यक्ष रह चुके हैं, पूर्व सीपीएस रहे हैं और वर्तमान में सबसे वरिष्ठ मंत्री के बेटे हैं। उनके आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इधर-उधर की बात करने से ये आरोप कम नहीं होंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरे प्रदेश में खूब लूट मची है। प्रदेश हितों की तिलांजलि दी जा चुकी है। पूरा प्रदेश बदहाल है। सरकार चलाने के नाम पर सिर्फ साजिश रची जा रही है। झूठ बोला जा रहा है, मित्रों के हितों को संरक्षित किया जा रहा है। युवाओं के रोजगार और स्वरोजगार के मुद्दे सरकार को ड्रामा लग रहे हैं। प्रतिशोध की राजनीति की जा रही है। भाजपा के विधायकों और नेताओं के खिलाफ केस बनाए जा रहे हैं। सरकार ने अपना पूरा कार्यकाल सुविधाएं छीनने, स्कूल, अस्पताल और जनहित के संस्थान बंद करने में लगा दिया है।