कारगिल विजय दिवस के 27 वर्ष, सेना प्रशिक्षण कमान ने ऑपरेशन विजय के अमर वीरों के अदम्य शौर्य को किया नमन

हिम न्यूज़ शिमला। मुख्यालय सेना प्रशिक्षण कमान (एआरटीआरएसी) ने आज कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर वर्ष 1999 के ऑपरेशन विजय के दौरान देश की संप्रभुता की रक्षा करते हुए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और सर्वाेच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

स्मृति समारोह का शुभारंभ अनाडेल स्थित श्रद्धांजलि स्थल पर हुआ, जहां सेना प्रशिक्षण कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम ने समस्त अधिकारियों एवं जवानों की ओर से शहीद वीरों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर बिगुल की धुन पर ‘लास्ट पोस्ट’ बजाई गई तथा शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।

ऑपरेशन विजय के वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सेना कमांडर ने कारगिल की दुर्गम एवं बर्फीली चोटियों पर विषम परिस्थितियों में उनके असाधारण साहस, अटूट संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीरों की गौरवगाथा और उनका अदम्य जज्बा आज भी भारतीय सेना के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है तथा देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के प्रति सेना की अटूट प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करता है।

इस अवसर पर सेना कमांडर ने अन्नाडेल स्थित आर्मी हेरिटेज म्यूजियम का भी दौरा किया। मनोरम घाटी अनाडेल स्थित यह संग्रहालय विभिन्न पीढ़ियों के भारतीय सैनिकों के अद्वितीय साहस, वीरता और बलिदान की गौरवशाली गाथा को संजोए हुए है। सेना कमांडर ने संग्रहालय द्वारा बहुमूल्य सैन्य धरोहर, युद्ध स्मृतिचिह्नों तथा ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे देशभक्ति और सैन्य सम्मान की विरासत आने वाली पीढ़ियों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही है।

समारोह का समापन मुख्यालय एआरटीआरएसी के सभी अधिकारियों एवं जवानों द्वारा राष्ट्रभक्ति, साहस और निस्वार्थ सेवा के सर्वाेच्च आदर्शों का पालन करने की सामूहिक शपथ के साथ हुआ। उन्होंने संकल्प लिया कि कारगिल के वीरों का सर्वाेच्च बलिदान सदैव राष्ट्र की सामूहिक स्मृति में अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों सहित करोड़ों भारतीयों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।