हिम न्यूज़, क़ुल्लु : क्षेत्र में पीलिया (जॉन्डिस) के मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेते हुए व्यापक एहतियाती एवं सुधारात्मक कदम उठाए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जानकारी मिलने के बाद उपायुक्त कुल्लू ने संबंधित विभागों की आपात बैठक बुलाकर जल शक्ति एवं स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उपायुक्त के निर्देशानुसार जल शोधन संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी), सेक्टर स्टोरेज टैंकों, जल स्रोतों एवं वितरण प्रणाली का संयुक्त निरीक्षण किया गया। एहतियातन संबंधित जल शोधन संयंत्रों को अस्थायी रूप से बंद कर 20 सेक्टर स्टोरेज टैंकों और दोनों डब्ल्यूटीपी की सफाई एवं सैनिटाइजेशन का कार्य जारी है।
संभावित प्रदूषण स्थलों से लिए गए 11 जल नमूनों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट संतोषजनक पाई गई है। एनएबीएल मान्यता प्राप्त इको पर्यावरण लेबोरेट्रीज़ एंड कंसल्टेंट्स प्रा. लि., चंडीगढ़ की टीम को स्वतंत्र सैंपलिंग एवं परीक्षण के लिए नमूने एकत्र करेगी। विस्तृत परीक्षण के लिए जल नमूने पुणे भी भेजे जाएंगे।
जिन क्षेत्रों में अधिक मामले सामने आए हैं, वहां जलापूर्ति एवं सीवरेज नेटवर्क का विस्तृत निरीक्षण किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीन की गोलियों का वितरण भी शुरू कर दिया गया है। जिला अस्पताल से प्राप्त मरीजों की सूची के आधार पर उनके निजी पेयजल कनेक्शनों की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जल शोधन संयंत्रों और टैंकों की सफाई के कारण जलापूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है। पाइपलाइन में बचा हुआ पानी अथवा घरेलू टंकियों के तल में जमी गाद के कारण पानी कुछ समय के लिए मटमैला दिखाई दे सकता है। लोगों से अपने निजी पानी के टैंकों की नियमित सफाई करने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन, जल शक्ति विभाग और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।