हिम न्यूज़, क़ुल्लु : उपायुक्त कुल्लू अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला स्तरीय समन्वय समिति (डिस्ट्रिक्ट लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) विभाग द्वारा किया गया, जिसमें टीसीपी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागीय समन्वय से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिला नगर एवं ग्राम नियोजन कार्यालय द्वारा योजना क्षेत्रों, विशेष योजना क्षेत्रों एवं डिम्ड प्लानिंग क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध जारी नोटिसों पर समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों एवं शहरी स्थानीय निकायों को इन मामलों में नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्रवाई रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने मनाली नगर परिषद क्षेत्र में जारी नोटिसों पर भी प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम, 1977 की धारा 83-ए तथा माननीय उच्च न्यायालय के निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को अधिनियम एवं न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की पूर्व स्वीकृति के बिना उप-विभाजित भूमि के विक्रय, उपहार, पट्टे अथवा बंधक संबंधी दस्तावेजों का पंजीकरण नहीं किया जा सकता। इस संबंध में अधिनियम के तहत उपलब्ध छूट प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों एवं पंजीकरण प्राधिकारियों को धारा 16(सी) के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा भूमि हस्तांतरण के मामलों में निर्धारित नियमों का अनिवार्य रूप से अनुपालन करने के निर्देश दिए।
बैठक में डिम्ड प्लानिंग एरिया के संशोधित प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि अब 1000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी भवनों एवं परियोजनाओं पर अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे, जबकि पहले यह सीमा 2500 वर्गमीटर थी। उपायुक्त ने संशोधित प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अनियोजित विकास पर नियंत्रण और सुव्यवस्थित निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के तहत 2500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में विकसित होने वाली प्लॉटिंग परियोजनाओं तथा आठ से अधिक अपार्टमेंट वाले भवन समूहों के लिए पंजीकरण एवं नियामकीय प्रावधानों की जानकारी भी बैठक में साझा की गई। उपायुक्त ने पात्र परियोजनाओं का नियमानुसार पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा रेरा के प्रावधानों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा सरकारी एवं अर्द्धसरकारी भवनों के निर्माण के लिए पूर्व स्वीकृत भवन मानचित्रों तथा विभागीय प्रक्रियाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित स्वीकृतियों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप किए जाएं तथा विभागीय समन्वय के साथ पारदर्शिता एवं नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने तथा अवैध निर्माण एवं अनियोजित विकास पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए जिले में सुव्यवस्थित एवं नियोजित विकास को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।