राज्य व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण परिषद का वार्षिक बजट पारित

हिम न्यूज़ शिमला। राज्य व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण परिषद की 9वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में यहां वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी दी गई। बैठक के दौरान परिषद ने एससीवीटी सोसायटी की आय एवं व्यय पर विस्तृत चर्चा की। तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण सचिव डॉ. अभिषेक जैन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में परिषद ने पूर्व की बैठक के निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की गई।

गवर्निंग काउंसिल ने आयुष विभाग से प्राप्त प्रस्ताव पर भी विचार किया, जिसमें आयुर्वेदिक स्पा थेरेपिस्ट (पंचकर्म) पाठ्यक्रम का नाम बदलकर पंचकर्म तकनीशियन करने का सुझाव दिया गया था। इस प्रस्ताव में कांगड़ा जिला स्थित आरजीजीपीजी आयुर्वेदिक अस्पताल और छोटा शिमला स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अस्पताल में सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ आयुष विभाग के अंतर्गत 12 जिला एवं सरकारी अस्पतालों में इस पाठ्यक्रम को शुरू करने का प्रावधान शामिल था। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को स्वावलंबी बनने के नए अवसर प्रदान करना है, क्योंकि इस कोर्स में स्वरोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। गवर्निंग काउंसिल ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की।

परिषद ने बागवानी, प्राकृतिक/जैविक खेती और डेयरी प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हाल ही में स्वीकृत एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स को छह सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में शुरू करने को भी मंजूरी दी। इन संस्थानों में घुमारवीं, जुब्बल, रिकांग-पियो, रैल, ठियोग और शाहपुर शामिल हैं। ये पाठ्यक्रम राज्य की भौगोलिक विशेषताओं के अनुरूप होंगे, स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न करेंगे और पर्यावरण के अनुकूल कृषि को बढ़ावा देंगे। इससे कृषि आधारित उद्यमिता को भी समर्थन मिलेगा।

परिषद ने विशेषज्ञ कार्य समूह की सिफारिशों के अनुसार प्राकृतिक/जैविक खेती के लिए सर्टिफिकेट कोर्स का पाठ्यक्रम विकसित करने को भी मंजूरी दी, जिसमें संबंधित विभागों और विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ शामिल थे। गवर्निंग काउंसिल ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों-2025 के लिए संबद्धता मानकों को अपनाने, शुल्क संरचना निर्धारित करने और राज्य स्तर पर नए निजी आईटीआई खोलने तथा मौजूदा निजी आईटीआई में नए ट्रेड/यूनिट जोड़ने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी अतिरिक्त दिशा निर्देशों को भी मंजूरी प्रदान की।