हिम न्यूज़, शिमला :अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने बयान जारी करते हुए कहां कि सोलन स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु ने न केवल छात्र समुदाय को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पूरे प्रदेश में गहरा आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन यह स्पष्ट संकेत देता है कि संस्थान के भीतर लंबे समय से गंभीर समस्याएं पनप रही थीं, जिन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया।
प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्तिगत घटना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही, असंवेदनशीलता और छात्रों की समस्याओं के प्रति उदासीन रवैये का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्र मानसिक दबाव, शैक्षणिक तनाव एवं प्लेसमेंट से जुड़े मुद्दों से जूझ रहा था, लेकिन उसकी आवाज को गंभीरता से नहीं लिया गया।
नैंसी अटल ने यह भी कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन समय रहते संवेदनशीलता दिखाता और छात्र की समस्याओं का समाधान करता, तो आज एक परिवार को यह अपूरणीय क्षति नहीं सहनी पड़ती। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में सच्चाई को सामने आने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एबीवीपी इस मामले को किसी भी परिस्थिति में दबने नहीं देगी और जब तक निष्पक्ष जांच कर दोषियों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक परिषद का संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए, विश्वविद्यालयों में छात्र सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को प्राथमिकता दी जाए तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। यदि इसके बावजूद भी सरकार और प्रशासन मूकदर्शक बने रहते हैं, तो एबीवीपी सड़कों से लेकर सदन तक इस मुद्दे को उठाकर जिम्मेदारों को जवाबदेह बनाने का काम करेगी।