नागरिक चिकित्सालय करसोग में स्थापित होगी विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई

हिम न्यूज़,करसोग :राज्य सरकार के प्रभावी प्रयासों से नागरिक चिकित्सालय करसोग में स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ हो रही हैं। इसी क्रम में अब अस्पताल में विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) स्थापित की जा रही है, जिससे क्षेत्र के नवजात शिशुओं को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।

इस इकाई के लिए लगभग 50 लाख रुपये के आधुनिक उपकरण अस्पताल में पहुंच चुके हैं। प्राप्त उपकरणों में रेडियंट वार्मर (ओपन केयर सिस्टम), फोटोथेरेपी यूनिट, नवजात पुनर्जीवन उपकरण (250 मिली एवं 500 मिली), सिरिंज पंप, ऑक्सीजन हुड (छोटा एवं मध्यम), ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, डिजिटल थर्मामीटर, इलेक्ट्रॉनिक शिशु वजन मशीन, स्टेथोस्कोप, रक्तचाप मापक यंत्र, पोर्टेबल जांच लाइट, मापने की टेप, स्टेनलेस स्टील किडनी ट्रे, ड्रेसिंग ट्रे, इन्फ्यूजन स्टैंड, फोटोथेरेपी हेतु इर्रेडिएंस मीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी मशीन (3 चैनल), शिशु लंबाई मापक (इन्फैंटोमीटर), ट्रांसपोर्ट इनक्यूबेटर तथा 185 लीटर क्षमता का रेफ्रिजरेटर शामिल हैं। ये सभी उपकरण नवजात शिशुओं की निगरानी एवं उपचार में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।

प्रस्तावित एसएनसीयू में 12 बेड की क्षमता होगी, जिससे एक साथ अधिक संख्या में नवजात शिशुओं का उपचार संभव हो सकेगा। इस सुविधा के शुरू होने से गंभीर नवजात शिशुओं को बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की आवश्यकता में कमी आएगी, जिससे समय पर उपचार सुनिश्चित होगा तथा शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में सहायता मिलेगी।

इस संबंध में जानकारी देते हुए बीएमओ करसोग डॉ. गोपाल चौहान ने बताया कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार उन्नत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नागरिक चिकित्सालय करसोग में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (गायनी स्पेशलिस्ट) तथा शिशु रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में नई सुविधाएं और आधुनिक उपकरण इस क्षेत्र में नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करेंगे तथा यह पहल एक मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है। इसी उद्देश्य के तहत करसोग अस्पताल में लगातार नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं।