भारतीय प्रशासनिक सेवा प्रोबेशनर्स और केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों के बीच कृषि अनुसंधान और नीति पर चर्चा

हिम न्यूज़ शिमला। शासन और अनुसंधान के बीच तालमेल बिठाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक अनुभव के तहत, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) प्रोबेशनर्स के एक समूह ने 19 मार्च को अपने शीतकालीन अध्ययन दौरे के हिस्से के रूप में ICAR-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला का दौरा किया। यह दौरा प्रशिक्षुओं के अध्ययन दौरे के तहत आयोजित किया गया था, ताकि भविष्य के प्रशासकों को उन प्रमुख अनुसंधान संस्थानों से परिचित कराया जा सके जो भारत की कृषि वृद्धि और खाद्य सुरक्षा में योगदान दे रहे हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. ब्रजेश सिंह ने आलू अनुसंधान में संस्थान की अग्रणी भूमिका पर प्रकाश डाला, जिसमें बेहतर किस्मों, रोग प्रतिरोधी प्रजातियों और उन्नत बीज उत्पादन तकनीकों का विकास जिससे किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है उस पर चर्चा की ।

विभिन्न विभागों के प्रमुखों-डॉ. जगदेव शर्मा, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. तनुजा बकसेठ, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. हेमंत और श्री रजत सेठी ने फसल सुधार, पादप संरक्षण, बीज प्रौद्योगिकी, कटाई के बाद की तकनीकें, सामाजिक विज्ञान और संस्थान के प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विस्तृत अद्यतन जानकारी साझा किया। वैज्ञानिकों ने चल रही अनुसंधान परियोजनाओं, तकनीकी हस्तक्षेपों और देश के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों में किसानों तक नवाचारों के प्रसार के बारे में विस्तार से बताया।

IAS प्रोबेशनर्स ने चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया और नीति कार्यान्वयन, प्रौद्योगिकी अपनाने तथा अनुसंधान और जमीनी स्तर पर उसके उपयोग के बीच की खाई को पाटने में आने वाली चुनौतियों पर प्रश्न पूछे। सत्र की संवादात्मक प्रकृति ने प्रशिक्षुओं और वैज्ञानिकों के बीच विचारों के सार्थक आदान-प्रदान को संभव बनाया। दौरे के हिस्से के रूप में, प्रोबेशनर्स ने संस्थान के भीतर स्थित एरोपोनिक्स प्रयोगशाला और अनुसंधान सुविधाओं का भी दौरा किया।

उन्होंने बीज उत्पादन, रोग निदान और विस्तार गतिविधियों में शामिल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस अनुभव ने उन्हें इस बात की व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्रदान की कि कैसे अनुसंधान नवाचारों को किसानों और अन्य हितधारकों के लिए ठोस लाभों में बदला जाता है। इस दौरे से IAS प्रोबेशनर्स की कृषि अनुसंधान संस्थानों के कामकाज और देश में खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण विकास तथा सतत कृषि सुनिश्चित करने में उनके महत्व के प्रति समझ और अधिक समृद्ध होने की उम्मीद है।