हिम न्यूज़ हमीरपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, पुणे में आयोजित 15वें भारतीय छात्र संसद के समापन समारोह को संबोधित करते हुए युवाओं से सत्यनिष्ठा और स्पष्ट उद्देश्य के साथ कैंपस से कैबिनेट तक पहुंचने का आह्वान किया। तीन दिवसीय इस वार्षिक सम्मेलन में देशभर के 450 से अधिक विश्वविद्यालयों से आए हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिन्हें अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रेरणादायक संबोधन दिया।

अपने संबोधन में अनुराग सिंह ठाकुर ने भारत की गौरवशाली लोकतांत्रिक विरासत का स्मरण करते हुए आपातकाल के दौरान हुए जेपी आंदोलन से लेकर विभिन्न कैंपस आंदोलनों का उल्लेख किया, जहां लोकतांत्रिक चेतना का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय कैंपसों को पुनः लोकतांत्रिक मूल्यों, संस्थागत समझ और वास्तविक जीवन के अनुभव को एक साथ विकसित करना होगा, ताकि छात्र न केवल शासन पर प्रश्न करना सीखें, बल्कि यह भी समझें कि संसद कैसे कार्य करती है, नीतियां कैसे बनती हैं, बजट कैसे पारित होता है और कानून अंतिम व्यक्ति तक किस प्रकार प्रभाव डालते हैं।
अनुराग सिंह ठाकुर ने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) को छात्रों में चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताया तथा MY भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार से उल्लेख किया, जो युवाओं को नेतृत्व के अवसर, मार्गदर्शन, अनुभवात्मक शिक्षा और सामुदायिक परियोजनाओं से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि जब BCS, NSS और MY भारत जैसे मंच एक साथ आते हैं, तो कैंपस लोकतंत्र की नर्सरी बन जाते हैं, जहां युवा न केवल प्रश्न करना सीखता है, बल्कि राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय योगदान भी देता है।
देवभूमि हिमाचल प्रदेश में हाल ही में प्रारंभ किए गए “युवा चेंजमेकर्स” नेतृत्व विकास कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन के अनुरूप है, जिसके तहत गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से एक लाख युवाओं को सार्वजनिक जीवन और राजनीति में लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने इसे कैंपस से समुदाय और अंततः कैंपस से कैबिनेट तक की संरचित यात्रा बताया।
उन्होंने जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश से 15,000 से अधिक युवाओं के पंजीकरण की अपेक्षा है, जिनमें से शीर्ष 21 फेलो को प्रत्येक को 1.21 लाख रुपये की स्टाइपेंड, प्रशिक्षण, बूट कैंप और फील्ड एक्सपोजर प्रदान किया जाएगा। ये फेलो ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कार्य करते हुए स्थानीय मुद्दों का अध्ययन करेंगे तथा यह विश्लेषण करेंगे कि सार्वजनिक नीति हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2047 तक पूर्ण विकसित राज्य बनाने में किस प्रकार सहायक हो सकती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह मॉडल अन्य राज्यों में भी अपनाया जाएगा, जिससे कैंपस फेलोशिप, इंटर्नशिप और जमीनी परियोजनाओं के माध्यम से युवा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सक्रिय भागीदार बन सकें।
अपने संबोधन के दौरान अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रौद्योगिकी और लोकतांत्रिक शासन के अंतर्संबंध पर भी विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान पीढ़ी के युवा नेताओं के लिए निर्णायक शक्ति सिद्ध होगी। उन्होंने भारत AI इम्पैक्ट समिट, भारत मंडपम, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत मानव-केंद्रित “MANAV” AI विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विजन के पांच मार्गदर्शक सिद्धांत—नैतिक प्रणालियां, जवाबदेह शासन, डेटा पर राष्ट्रीय संप्रभुता, सुलभ एवं समावेशी प्रौद्योगिकी तथा वैध प्रणालियां—भारत को तकनीकी नेतृत्व के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में भी अग्रणी बनाएंगे।
उन्होंने छात्र नेताओं से आह्वान किया कि 21वीं सदी में सार्वजनिक जीवन में सफलता के लिए AI नैतिकता, संवैधानिक कानून, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और संसदीय प्रक्रियाओं की गहन समझ अनिवार्य है।