बजट की रिफॉर्म एक्सप्रेस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर: अनुराग सिंह ठाकुर

हिम न्यूज़ शिमला। पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय बजट बजट 2026-27 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर और ज़ोर देने के कई प्रावधान किए गए हैं, जिसमें युवा सशक्तिकरण, अनुसंधान उत्कृष्टता और संस्थागत विस्तार को विकसित भारत@2047 की दृष्टि से केंद्र में रखा गया है। 

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश पिछले 12 वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों, बढ़े हुए फंडिंग, प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के विस्तार, डिजिटलीकरण, और स्किलिंग को उच्च शिक्षा के साथ एकीकरण का साक्षी बना है। बजट 2026-27 इस “रिफॉर्म एक्सप्रेस” को आगे बढ़ाता है, जिसमें आधारभूत शिक्षा को मजबूत करना, उच्च शिक्षा क्षमता का विस्तार और अगले दो दशकों की तकनीकी, स्वास्थ्य और जनसांख्यिकीय चुनौतियों से निपटने के लिए भारत को तैयार करना शामिल है।

उन्होंने कहा कि बजट में समग्र शिक्षा को ₹42,100.02 करोड़ आवंटित किया गया है, जो प्री-प्राइमरी से वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक एकीकृत स्कूल शिक्षा को मजबूत करता है। पीएम पोषण (मिड-डे मील) को ₹12,750 करोड़ आवंटित किया गया है। पीएम श्री (पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) को ₹7,500 करोड़ आवंटित किया गया है, जो चयनित स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मानकों के अनुरूप मॉडल संस्थानों में बदलने के लिए है। स्टार्स कार्यक्रम को ₹500 करोड़ और न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम को ₹160 करोड़ आवंटित किया गया है, जो वयस्क साक्षरता और परिणाम-आधारित सुधारों को सुनिश्चित करता है। स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत कुल आवंटन 2026-27 में ₹63,010.02 करोड़ है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “हिमाचल प्रदेश में 2014 के बाद केंद्रीय शैक्षिक संस्थानों का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। बिलासपुर में AIIMS ₹1,471.04 करोड़ की लागत से स्थापित किया गया, जिसने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं को काफी मजबूत किया। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय को ₹500 करोड़, आईआईएम सिरमौर को ₹531.75 करोड़ और आईआईआईटी ऊना को ₹64 करोड़ मिला। हमीरपुर, नाहन, चंबा और मंडी (ESIC) में चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों को प्रत्येक को लगभग ₹180 करोड़ की केंद्रीय सहायता से मजबूत किया गया, जिससे प्रत्येक संस्थान में 120 एमबीबीएस सीटों का विस्तार हुआ।

इन संस्थानों ने राज्य में उच्च शिक्षा पहुंच, अनुसंधान अवसरों और चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर को बदल दिया है। बजट 2026-27 भारत की शिक्षा प्रणाली को अगले 20 वर्षों की चुनौतियों का सामना करने के लिए आत्मविश्वास से तैयार करता है, जिसमें जनसांख्यिकीय विस्तार, तकनीकी व्यवधान, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और स्वास्थ्य संक्रमण शामिल हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “आयुष मंत्रालय को 2026-27 में ₹4,408.93 करोड़ आवंटित किया गया है, जो 2024-25 के ₹3,468.63 करोड़ से बढ़ा है, जो पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों और आयुर्वेद शिक्षा के लिए बढ़ते संस्थागत समर्थन को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यह विस्तार आयुर्वेद कॉलेजों, अनुसंधान केंद्रों और एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल प्रशिक्षण को मजबूत करता है, जो आयुष क्षेत्रों में युवा रोजगार में सीधे योगदान देता है। बजट 2026-27 उच्च शिक्षा और अनुसंधान क्षमता को भी तेज करता है। बायोफार्मा शक्ति पहल को पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ के परिव्यय के साथ, जिसमें 3 नए राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाइपर) की स्थापना और 7 मौजूदा संस्थानों का उन्नयन शामिल है, साथ ही 1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क। यह फार्मास्युटिकल अनुसंधान, बायोटेक्नोलॉजी और चिकित्सा नवाचार में उच्च-कुशल अवसर पैदा करेगा, जो गैर-संचारी रोगों और वैश्विक स्वास्थ्य मांगों से निपटने के लिए भारत को तैयार करेगा।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “शिक्षा मंत्रालय के अनुदान मांगों में 2026-27 के आवंटन विश्वविद्यालयों, आईआईटी, एनआईटी, केंद्रीय संस्थानों, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुसंधान फंडिंग पाइपलाइनों को मजबूत करते हैं। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई एप्लिकेशन्स और वैश्विक अनुसंधान सहयोग पर जोर भारत की शिक्षा प्रणाली को सेमीकंडक्टर डिजाइन, बायोटेक्नोलॉजी, जलवायु विज्ञान और उन्नत विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों को संभालने के लिए तैयार करता है।