एसजेवीएन ने एमएसएमई के लिए विशेष वेंडर डेवल्पमेंट मीट 2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया

हिम न्यूज़ शिमला। एसजेवीएन ने आज नई दिल्ली में सूक्ष्म,  लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए विशेष वेंडर डेवल्पमेंट मीट 2026 का सफल आयोजन किया। श्री भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मुख्य अतिथि श्री भूपेंद्र गुप्ता ने, श्री अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक), श्री सिपन कुमार गर्ग, निदेशक (वित्त), श्री चंद्र शेखर यादव, कार्यकारी निदेशक/विभागाध्यक्ष  (मानव संसाधन)  तथा कारपोरेट मुख्यालय, शिमला, संपर्क कार्यालय, दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी तथा वेंडर मीट से संबद्ध अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

श्री भूपेंद्र गुप्ता ने अपने उद्घाटन संबोधन में  कहा कि विशेष वेंडर डेवल्पमेंट मीट 2026 नई सहभागिता बनाने, नए अवसर तलाशने तथा आपसी सहयोग को सुदृढ़ करने में एक उत्प्रेरक का कार्य करेगा।  उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से, एसजेवीएन ने वेंडर सशक्तिकरण के लिए अपनी प्रतिबद्धतता को मजबूत करते हुए 36 वेंडर डेवलपमेंट मीट आयोजित किए हैं।

इस बात पर बल देते हुए कि एमएसएमई विकास एसजेवीएन की सफलता का एक आवश्यक हिस्सा है, उन्होंने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति तथा महिला स्वामित्व वाले एमएसएमई को आर्थिक पारितंत्र की मुख्यधारा से जोड़ने तथा एसजेवीएन की प्रापण प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के महत्व पर भी बल दिया श्री अजय कुमार शर्मा,  निदेशक (कार्मिक) ने वेंडर मीट को संबोधित करते हुए कहा कि एसजेवीएन अपने प्रापण लक्ष्यों को पूर्ण करने तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों सहित एमएसई सार्वजनिक प्रापण का लाभ प्रदान करने के लिए एमएसएमई के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के विजन में योगदान देते हुए यह आत्मनिर्भर, भविष्योन्मुखी और समावेशी एमएसएमई नेटवर्क को बढ़ावा देती हैं।

श्री सिपन कुमार गर्ग, निदेशक  (वित्त) ने कहा कि एसजेवीएन, एमएसएमई, जो भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार हैं, के साथ निकटता से जुड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी के परिकल्पित विकसित भारत 2047 के विज़न को पूर्ण करने में एमएसएमई प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एसजेवीएन एमएसएमई के साथ नॉलेज शेयरिंग और उत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर आधारित एक सहयोगी केन्द्र बनने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री चंद्र शेखर यादव, कार्यकारी  निदेशक (मानव संसाधन) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथि, प्रतिभागी वेंडरों तथा विभिन्न संगठनों से उपस्थित अधिकारियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।  उन्होंने यह भी दोहराया कि इस प्रकार के वेंडर मीट प्रापण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के साथ-साथ एमएसई को सशक्त बनाने और एसजेवीएन के साथ उनकी सहभागिता को सुदृढ़ करने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुए हैं।

वेंडर मीट के दौरान, सहभागी विक्रेताओं को उपलब्ध  अवसरों तथा प्रापण प्रक्रियाओं से अवगत करवाने के लिए एसजेवीएन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, राष्ट्रीय एससी-एसटी हब, जेम, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया, डीटीएक्स, एम1 एक्सचेंज, दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और महिला उद्यमी परिसंघ के प्रतिनिधियों द्वारा विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गई। प्रस्तुति सत्र के पश्चात एसजेवीएन की ई-प्रापण प्रक्रिया, विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों पर पंजीकरण की प्रक्रिया तथा वेंडरों के लिए उपलब्ध विभिन्न योजनाओं एवं सहायक उपायों के संबंध में जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से संवादात्मक प्रश्नोत्तर एवं वार्ता सत्र आयोजित किए गए।