हिम न्यूज़ मंडी, 18 फरवरी। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव–2026 के अंतर्गत छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी में आयोजित देवधुन/वाद्ययंत्र एवं देवलु नाटी प्रतियोगिताएं आज दूसरे दिन भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहीं। देव समाज और श्रद्धालुओं में प्रतियोगिताओं को लेकर विशेष उमंग और आस्था का माहौल देखने को मिला।

प्रतियोगिता के लिए बीते दिवस से लेकर आज तक कुल 104 देवताओं के बजंत्रियों ने वाद्ययंत्र प्रतियोगिता हेतु पंजीकरण करवाया है, जबकि देवलु नाटी प्रतियोगिता के लिए 17 देवता के देवलु दलों ने अपना नाम दर्ज कराया है। प्रथम दिन वाद्ययंत्र प्रतियोगिता में 23 प्रतिभागियों ने मंच पर अपनी प्रस्तुति दी, जबकि दूसरे दिन 50 प्रतिभागियों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के माध्यम से अपनी कला का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। देवलु नाटी प्रतियोगिता में 5 देवताओं के देवलुओं ने भाग लेकर पारंपरिक नाटी की मनोहारी झलक प्रस्तुत की।
पारंपरिक नगाड़ों, करनाल, रणसिंघा एवं अन्य वाद्ययंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बन गया। देवधुन की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।प्रतियोगिता के लिए गठित निर्णायक मंडल में मुरारी शर्मा, कृष्णा देवी और उमेश ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिव पाल शर्मा, महासचिव दिनेश शर्मा, जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी सहित देव समाज से जुड़े गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महोत्सव के आगामी दिनों में भी वाद्य यंत्र/देवलु नाटी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे छोटी काशी की समृद्ध देव संस्कृति और लोक परंपराओं का भव्य प्रदर्शन जारी रहेगा।