हिम न्यूज़ धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के दूरवर्ती एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र ने शिक्षा को एक नए आयाम तक पहुंचाया है। यह केंद्र विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य सत प्रकाश बंसल ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से हम शिक्षा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा सकते हैं, और यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि केंद्र की कोशिश है कि विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान की जाए, और इसके लिए विश्वविद्यालय के अनुभवी शिक्षकों की टीम काम कर रही है।
केंद्र के निदेशक प्रो. विशाल सूद ने बताया कि अगस्त 2025 का सत्र सफलतापूर्वक चल रहा है, और फरवरी 2026 सत्र के लिए भी लगातार विद्यार्थियों के आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। आनलाईन कार्यक्रमों के विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटों की जानकारी देते हुए कहा कि एमबीए में 500, एमसीए में 300, और एम.ए. इतिहास, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में सीटों की संख्या असीमित है जिनमें प्रवेश लेने हेतु अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 है। इन ऑनलाइन कार्यक्रमों में छात्र कहीं से भी, कभी भी पढ़ सकते हैं तथा परीक्षा भी अपने घरों से दे सकते हैं।
केंद्र के उप निदेशक डॉ. चमन लाल तथा सहायक निदेशक डॉ. हरीश गौतम ने कहा कि जो ई-पाठ्य सामग्री स्वयम पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जा रही है, उसे विश्वविद्यालय के अनुभवी, एवं ज्ञानवान शिक्षकों द्वारा तैयार किया गया है, जिसके लिए शिक्षकों ने बहुत मेहनत की है। समय-समय पर विद्यार्थियों के लिए विशेष ऑनलाइन सत्रों का आयोजन भी किया जाता है जिसमें विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम से संबंधित कोई संदेह अथवा जिज्ञासा हो तो उसका समाधान इन्हीं शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है। केंद्र के विभिन्न आनलाईन कार्यक्रमों में प्रवेश एवं परीक्षा प्रभारी डॉ. हेमराज बंसल ने बताया कि इन ऑनलाइन कार्यक्रमों में प्रवेश संबंधित सभी जानकारी तथा प्रोस्पेक्टस केंद्र की वेबसाइट www.cdoe.cuhimachal.ac.in पर उपलब्ध है और इच्छुक छात्र समर्थ पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
अधिष्ठाता अकादमिक प्रो. प्रदीप ने कहा कि दूरवर्ती एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र द्वारा समस्त विद्यार्थियों को प्रवेश, परीक्षा और परिणाम की सभी सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से प्रदान की जा रही हैं और विद्यार्थियों को परिसर आने की आवश्यकता नहीं है।
नौकरी पेशे वाले लोगों में इन दूरवर्ती एवं ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रमों की तरफ अधिक रुझान देखने को मिल रहा है, क्योंकि आज विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी कर्मचारी जो पदोन्नति की राह देख रहे हैं और जो किसी कारणवश पारंपरिक शिक्षा से वंचित रह गए थे, वे सभी बिना स्टडी अवकाश लिए अपनी स्नातकोत्तर डिग्री पूरी कर सकते हैं और पदोन्नति के लिए अपनी योग्यता बढ़ा सकते हैं।
केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के दूरवर्ती एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र ने शिक्षा को एक नए आयाम तक पहुंचाया है। केंद्र की कोशिश है कि विद्यार्थियों को अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान की जाएं, और इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है।