नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए राजनैतिक संकल्प जरूरी : डॉ. तँवर

हिम न्यूज़ शिमला। नशे के खिलाफ अगर निर्णायक लड़ाई लड़नी है और इसे जड़ से खत्म करना है तो इसके लिए राजनैतिक संकल्प और इच्छाशक्ति की जरूरत है तभी समाज में नशामुक्ति का संदेश सार्थक सिद्ध होगा । सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता एवं किसान सभा के राज्याध्यक्ष  डॉ0  कुलदीप सिंह तँवर ने प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव के मद्देनजर बयान जारी करते हुए कहा कि ’जब तक देश के मुख्य राजनीतिक दल केंद्र और राज्य स्तर पर यह स्पष्ट रूप से तय नहीं करते कि चुनावों के दौरान शराब अथवा  किसी भी प्रकार के नशे का इस्तेमाल मतदाताओं को लुभाने और प्रभावित करने के लिए नहीं किया जाएगा ।

इस बारे जब तक कठोर तथा प्रभावी कानून नहीं बनाए जाते, तब तक नशे के खिलाफ बनाई जाने वाली रणनीतियाँ व योजनाएँ कारगर सिद्ध नहीं होगी । उन्होंने  कहा कि जिस प्रकार लोकसभा, विधानसभा और  पंचायत चुनावों में शराब वितरण का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है ।  इस बुराई पर  अंकुश लगाने की सख्त जरूरत है परंतु कोई भी राजनैतिक दल इस पर अंकुश लगाने के पक्ष में नहीं है ।

डॉ0 तंवर ने कहा कि 30 जनवरी को  महात्मा गांधी के शहीदी दिवस पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को सार्वजनिक संकल्प लेने और जनता से वादा करने की जरूरत है  ताकि आगामी पंचायत चुनावों सहित लोकसभा चुनावों तक हर स्तर पर उनकी पार्टी द्वारा समर्थित या अधिकृत कोई भी उम्मीदवार शराब या किसी भी नशे के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा।

डॉ. तँवर ने इस बात पर चिंता जताई कि हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में चिट्टा जैसे घातक केमिकल नशों, स्पूरियस ड्रग्स, ओवरडोज तथा नशे से जुड़े हादसों के कारण जिस तरह हमारी युवा पीढ़ी असमय मौत का शिकार हो रही है, वह एक गंभीर सामाजिक और राजनीतिक चेतावनी है।

उन्होंने नशे की चुनौती से निपटने के लिए दो स्तरों पर समानांतर और गंभीर प्रयास करने पर बल दिया। जिसमें एक ओर, नशे की सप्लाई रोकने के लिए सरकार और पूरा सरकारी तंत्र पूरी मुस्तैदी और ईमानदारी से काम करे और दूसरी ओर, नशे की मांग को कम करने के लिए एक व्यापक जनान्दोलन खड़ा किया जाए, जिसमें राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और आम जनता मिलकर भागीदारी निभाए।