हिम न्यूज़ शिमला। ग्राम पंचायत बलग के गांव रेलभाटू में पांचवी कक्षा में पढ़ने वाले नेपाली मूल के बच्चे (अजय) ने खौफनाक कदम उठाकर अपनी इहलीला समाप्त कर दी । नेपाली मूल का यह परिवार बीते करीब 12 वर्षों से रेलभाटू में संतराम पांडेय के घर में रह रहा था । उन्होने बताया कि 11 वर्षीय अजय पुत्र रमेश अपने दादा राजू और दादी के साथ रहता था चंूकि अजय के पिता व माता ने दूसरी शादी कर ली थी। यह परिवार दिहाड़ी मजदूरी करके अपना जीवनयापन कर रहा है ।
बीते रोज जैसे ही अजय स्कूल से घर पहूंचा । उसने घर पर कथित तौर पर फांसी लगा कर अपने जीवन को समाप्त कर दिया । रोजमर्रा की तरह अजय अपने दादा दादी को खेत मेें चाय बनाकर ले जाता था । जब बच्चा खेत नहीं आया तो दादा दादी को चिंता सताने लगी । करीब छः बजे दादी घर आकर खौफनाक मंजर देखकर चिल्लाने लगी जिससे स्थानीय लोग एकत्रित हो गए और अजय केे गले से दुपटा खोलकर उसे ठियोग अस्पताल ले गए जहां पर चिकित्सक द्वारा उसे मृत घोषित किया गया । मासूम की इस अचानक मौत से परिजन सदमे में है। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि बच्चे ने यह खौफनाक आत्मघाती कदम किन कारणों से उठाया।
ठियोग के डीएसपी सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि परिजन बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल लेकर आए थे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत करार दिया। उन्होंने बताया कि बच्चे का पोस्टमार्टम आईजीएमसी में करवाकर शव को परिजन को सौंप दिया गया है । डीएसपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के उपरांत ही मौत के कारण बारे बताया जाएगा । पुलिस मामले की जांच कर रही है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए तथ्यों की पुष्टि की जाएगी।