हिमाचल के हितों की रक्षा करने में विफल रही भाजपा सरकार: सीएम

हिम न्यूज़ शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि पूर्व भाजपा सरकार जलविद्युत और अन्य परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते समय राज्य के हितों की रक्षा करने में विफल रही है। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार ने अनिच्छा से ही सही, बल्क ड्रग पार्क परियोजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्य के हितों के खिलाफ धौलासिद्ध, लूहरी और सुन्नी जलविद्युत परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। हमने राज्य के हित में अपने स्वयं के संसाधनों से बल्क ड्रग परियोजना को क्रियान्वित करने का निर्णय लिया है।

सुक्खू ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क में निवेशकों को जमीन, बिजली और पानी बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क की टर्म एंड कंडीशन को 10 साल के बाद बदला जाएगा। दस साल बाद निवेशकों से मार्केट रेट पर बिजली और पानी सहित अपशिष्ट उपचार, भाप, ठोस अपशिष्ट उपचार और गोदाम शुल्क वसूला जाएगा। इससे पूर्व, विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि राज्य सरकार बल्क ड्रग पार्क के लिए पूरी तरह से गंभीर है और केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य 31 मार्च 2026 को पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रोजेक्ट में पूरी पारदर्शिता बरतेगी और प्राथमिकता के आधार पर इस प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोजेक्ट की महत्ता को देखते हुए राज्य सरकार अपने स्तर पर इस प्रोजेक्ट के लिए 1000 करोड़ रुपए का बजट खर्च करेगी।

उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य में अक्टूबर से मार्च तक बिजली की कमी होती है और सरकार सात रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदती है। बावजूद इसके सरकार निवेशकों को टर्म एंड कंडीशन के अनुरूप 3 रुपए प्रति किलोवाट प्रति घंटा की दर से बिजली देगी। इसके अलावा स्टोर और वेयर हाउस फ्री में उपलब्ध करवाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को जमीन भी उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार मेडिकल डिवाइस पार्क का 30 करोड़ रुपए केंद्र सरकार को जल्द वापस करेगी।

9 माह में करुणामूलक आधार पर सभी आश्रितों को नौकरी देगी सरकार

सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार अगले नौ महीनों में करुणामूलक आधार पर सभी आश्रितों को नौकरी उपलब्ध करवा देगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करुणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान करने के 1415 मामले लंबित हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने अपने 20 माह के कार्यकाल में अभी तक 180 लोगों को करुणामूलक आधार पर नौकरी दी है। विधायक डॉ. जनक राज के मूल सवाल के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार करुणामूलक आधार पर नौकरी के लिए पात्र लोगों को चतुर्थ श्रेणी के अलावा तृतीय श्रेणी की नौकरियां देने पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया है।

यह कमेटी अगले छह माह में सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में करुणामूलक आधार पर सिर्फ चतुर्थ श्रेणी की ही नौकरी दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सब कमेटी से सभी विधायकों से सुझाव लेने को कहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा तरीका निकालना चाहती है ताकि जरूरतमंद को रोजगार मिले और यह कमेटी सुझावों के साथ छह माह में अपनी रिपोर्ट देगी। इसी सवाल पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगभग छह हजार लोगों को करुणामूलक आधार पर नौकरी दी गई, जबकि मौजूदा सरकार 20 माह बाद भी सिर्फ 180 पात्र लोगों को ही नौकरी दे पाई है। इस संबंध में रणधीर शर्मा ने भी प्रतिपूरक सवाल पूछा।

प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ रुपए स्वीकृत – हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने प्रोजेक्ट की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से प्रदेश में 50 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है। इस प्रोजेक्ट के बनने से प्रदेश में 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने भी 50 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने 2023 में मुंबई में 2165 करोड़ रुपए की एक और दुबई में 2645 करोड़ रुपए का दूसरा एमओयू साइन किया है। कहा इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार 1000 करोड़ रुपए इन्वेस्ट करेगी। उद्योग मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि यह प्रोजेक्ट 31 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा

प्रोजेक्ट के लिए एसआईए को आएगा सीधा पैसा

उद्योग मंत्री ने विधायक सतपाल सत्ती के अनुपूरक सवाल के जवाब में कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए पैसा राज्य कार्यान्वयन एजेंसी (एसआईए) को आएगा। प्रोजेक्ट के काम के लिए टेंडर की प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। विधायक सुधीर शर्मा ने अनुपूरक सवाल में जानना चाहा कि सरकार ने जिन कंपनियों के साथ एमओयू साइन किया है क्या वह नए टर्म एंड कंडीशन के तहत काम करने को तैयार है। इस पर उद्योग मंत्री ने कहा कि जिन कंपनियों के साथ जो एमओयू साइन किए गए हैं, उनकी कानूनी वैधता नहीं है। जिन कंपनियों के साथ एमओयू साइन किया गया है वह नामी कंपनियां है और 500 से लेकर 1000 करोड़ रुपए का निवेश करने वाली कंपनियां हैं।

तय समय पर बनेगा थुनाग में रोपड़ी खड्ड पर पुल – विक्रमादित्य सिंह

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग बाजार में चैल-जंजैहली सड़क पर रोपड़ी खड्ड पर पुल का शेष कार्य बजट का प्रावधान होने पर पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पुल का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए अभी 2.50 करोड़ रुपए की और जरूरत है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के एक सवाल के विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस पुल के निर्माण के लिए अभी तक संबंधित ठेकेदार को 3.62 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस पुल का निर्माण कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा करने का प्रयास करेगी।

विधायक बलबीर वर्मा के सवाल के जवाब में लोकनिर्माण मंत्री ने कहा कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 29 सड़कों के लिए 363.16 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 347.60 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इससे पूर्व बलबीर वर्मा ने आरोप लगाया कि सिर्फ कांग्रेस पार्टी के एक पदाधिकारी के घर के लिए सड़क बनाने पर 2.15 करोड़ रुपए खर्च कर लिए गए। इस सड़क का किसी भी अन्य व्यक्ति को फायदा नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सड़क के निर्माण के लिए एससी कंपोनेंट का पैसा भी डायवर्ट किया गया है।