प्राकृतिक आपदा में भी विद्युत कर्मियों ने निभाई अहम भूमिका

हिम न्यूज़ शिमला। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड प्रदेश के सभी विद्युत उपभोक्ताओं को सुनिश्चित गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए कृत संकल्प है और इस दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे है।

हाल ही  12 से 16 अगस्त तक हुई भारी वर्षा व प्राकृतिक आपदा से समस्त प्रदेश भर में विद्युत अधोसरंचनाओं को बहुत अधिक नुक्सान पंहुचा है। अपने कठिन परिश्रम के बल पर हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड इस प्राकृतिक आपदा के कारण आने वाले विद्युत आपूर्ति में अवरोधों को प्राथमिकता के आधार पर निपटने में पूरी तरह से सक्षम रहा है।

विभाग के कर्मचारियों और  अधिकारियों की कड़ी मेहनत के नतीजों से प्राकृतिक आपदा की तबाही में युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए पूरे प्रदेश में इन कठिन दिनों में भी अधिकांश रूप से जहां विद्युत आपूर्ति को बहाल रखा गया वहीं विद्युत आपूर्ति में आने वाले अवरोधों को भी तुरन्त दूर किया गया।

विस्तृत जानकारी देते हुए बोर्ड के अतिरिक्त निदेशक (लोक संपर्क) अनुराग पराशर ने कहा कि पूरे प्रदेश में 33के0वी0, 11के0वी0 व एल0टी0 नेटवर्क और विद्युत तारों और विद्युत खम्बों का अत्याधिक नुक्सान हुआ है।

उन्होंने बताया कि 13 और 14 अगस्त, 2023 की मध्यरात्रि को शिमला और आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश के कारण, हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड को भूस्खलन और एचटी और एलटी लाइनों, खंभों और ट्रांसफार्मर पर पेड़ गिरने के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ा। क्षति बहुत अधिक थी, जिससे शहर के कई हिस्से प्रभावित हुए।

लगातार बारिश के कारण एक ही दिन में 500 से अधिक ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं और बारिश जारी रही। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद, एचपीएसईबीएल अधिकारियों ने बारिश, भूस्खलन और गिरे हुए पेड़ों से हुए नुकसान की बहाली की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तुरंत कार्रवाई की।

उन्होंने तुरंत व्यापक क्षति की मरम्मत का कार्य शुरू किया और चुनौती से निपटने और बिजली आपूर्ति की बहाली की दिशा में काम करने के लिए समर्पित टीमों को तैनात किया गया। लेकिन लगातार बारिश और अवरुद्ध सड़कों के कारण बिजली आपूर्ति बहाल करना बहुत कठिन हो गया। फिर भी, फील्ड स्टाफ ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और बारिश और बाधाओं के बावजूद, एचपीएसईबीएल कर्मचारी आपूर्ति बहाल करने में कामयाब रहे।

उन्होंने बिजली के खंभों को ठीक किया, गिरे हुए पेड़ों को हटाया और एचटी और एलटी लाइनों की मुरम्मत की। उनका मुख्य लक्ष्य लोगों तक बिजली वापस लाना था। ऐसे मामलों में जहां क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की तुरंत मरम्मत नहीं की जा सकी, एचपीएसईबीएल अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली प्रदान करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की।

स्थिति की तात्कालिकता को पहचानते हुए, यह सुनिश्चित किया गया कि आम जनता को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना न करना पड़े। 14 अगस्त की शाम तक, एचपीएसईबीएल शिमला शहर के लगभग सभी हिस्सों में आपूर्ति बहाल करने में कामयाब रहा।

दूसरी ओर असम्भव कार्य में से एक 33/11 केवी भरारी सब-स्टेशन से बिजली की आपूर्ति को वापिस लाना था जिसके परिणामस्वरूप शिमला शहर के 100 से अधिक डीटीआर की आपूर्ति में अवरोध था।

एचपीएसईबीएल टीम ने अथक प्रयास किया और अंत में सफलता प्राप्त की। पूरे प्रदेश में भी ऐसे खतरनाक हादसों के बाद बिजली की आपूर्ति अधिकतर बहाल ही रही। इन दिनों में विकट परिस्थितियों से पार पाने के लिए फिल्ड कर्मचारियों ने दिन-रात सेवाएं देकर जहां विद्युत आपूर्ति में आए व्यवधानों को तुरन्त दूर कर रहें हैं वहीं अधिकतर क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को बहाल बनाए रखा गया है। जहां मुरम्मत कार्यों की आवश्यकता है वहां युद्ध स्तर पर कार्य कर विद्युत आपूर्ति सम्बन्धित अधोसरंचनाओं को ठीक किया जा रहा है।