हिम न्यूज़ धर्मशाला। आचार्य रघुवीर केंद्रीय पुस्तकालय, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला ने भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक, पद्मश्री डॉ. एसआर रंगनाथन की 131वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस मनाया, जिन्होंने भारत और दुनिया भर में पुस्तकालय विकास का नेतृत्व किया।

कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो.सत प्रकाश बंसल, विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. विक्रम कुमार शर्मा, अधिष्ठाता अकादमिक प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो.मनोज सक्सेना, प्रो.ओएसकेएस शास्त्री, प्रो.दीपक पंत, प्रो.मोहिंदर सिंह, प्रो. दीपांकर, संकाय सदस्य, टीम लाइब्रेरी और छात्रों द्वारा पुष्पांजलि के साथ हुई।
वहीं शोध-चक्र पोर्टल लॉन्च करते समय, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बसंल ने विश्वविद्यालय को हाल ही में नैक ए+ ग्रेड मान्यता के दौरान विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. विक्रम शर्मा के नेतृत्व में केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा निभाई गई उल्लेखनीय परिवर्तनकारी भूमिका की सराहना की।
उन्होंने अनुसंधान संचालित विश्वविद्यालय के लिए पुस्तकालय, इसकी सेवाओं और संसाधनों के महत्व पर भी जोर दिया। वहीं प्रो. बंसल ने उल्लेख किया कि प्रो. रंगनाथन द्वारा प्रतिपादित पुस्तकालय विज्ञान के पांच नियम वर्तमान डिजिटल युग में अधिक प्रासंगिक हैं।
मार्गदर्शन और गतिशील नेतृत्व के लिए कुलपति को धन्यवाद देते हुए, टीम लाइब्रेरी ने अनुसंधान संचालित विश्वविद्यालय के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए लाइब्रेरी सेवाएं और संसाधन प्रदान करने की दिशा में निरंतर गुणवत्तापूर्ण पहल करने का संकल्प लिया।
शोध-चक्र अकादमिक समुदाय को उनके अनुसंधान जीवन चक्र के दौरान मदद करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मार्गदर्शन में सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क (इंफ्लिबनेट) केंद्र की एक पहल है और विश्वविद्यालय ने हाल ही में अनुसंधान को मजबूत करने की दिशा में इंफ्लिबनेटके साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।