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2050 विद्यालय बनेंगे मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस

हिम न्यूज़ सोलन। शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षकों का आह्वान किया कि भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप छात्रों को तैयार करने में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ अपने अनुभव का भी लाभ उठाएं। रोहित ठाकुर गत सांय सोलन ज़िला के परवाणू में डी.ए.वी पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में आयोजित ‘स्पेक्ट्रा फेस्ट’ को बतौर मुख्यातिथि सम्बोधित कर रहे थे। रोहित ठाकुर ने दीप प्रज्जवलित कर स्पेक्ट्रा फेस्ट का विधिवत शुभारम्भ किया।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि अध्यापक अपने अनुभव के माध्यम से छात्रों को न केवल सही राह दिखा सकते हैं अपितु भविष्य में लक्ष्य प्राप्ति में उनके पथ प्रदर्शक भी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापकों और अभिभावकों को युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए मिलकर कार्य करना होगा।

उन्होंने अध्यापकों से छात्रों के लिए पथ प्रदर्शक की भूमिका निभाने का आह्वान किया और छात्रों की प्रतिभा की पहचान कर इन्हें ओर निखारने की दिशा में सकारात्मक शुरुआत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे ही हमारा भविष्य है और इन्हें निखारने तथा सवारने में सबसे बड़ा योगदान अध्यापकों का ही होता है।

रोहित ठाकुर ने विद्यालय के होनहार विद्यार्थियों को उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं दी और आशा जताई कि छात्र अपने सहपाठियों को और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि वार्षिक उत्सव संस्थान में वर्षभर के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों के लिए सम्मानित करने का अवसर होता है। इसके आयोजन से छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है और छात्रों को उचित मंच पर प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होता है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के साथ-साथ खेल, योग तथा अतिरिक्त पाठ्येतर गतिविधियों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके। प्रदेश सरकार वर्ष 2026-2027 तक राज्य की प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर की 2050 पाठशालाओं को चरणबद्ध तरीके से मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में परिवर्तित करेगी। अगले शैक्षणिक सत्र से यह संस्थान गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने में मील का पत्थर सिद्ध होंगे। इसके कार्यान्वयन के लिए 31 दिसंबर, 2023 तक इनकी सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है तथा इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य में सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई आरम्भ की जाएगी। स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार आ सके। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले स्कूलों और अध्यापकों को राज्य सरकार प्रोत्साहित करेगी और इसके तहत ज़िला स्तर पर 05 स्कूलों को सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से खोले जा रहे राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की प्रगति की समीक्षा भी समय-समय पर की जा रही है। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. हरनीत सिंह ने इससे पूर्व मुख्यातिथि का स्वागत किया और वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया जिसकी मुख्यातिथि द्वारा खूब सराहना की गई।

कार्यक्रम में कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी, नगर परिषद परवाणू की पूर्व अध्यक्ष मोनिशा शर्मा, उपाध्यक्ष लखविंदर सिंह, मनोनीत पार्षद कांता कपूर, चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष एच.एस लकी, सहायक आयुक्त प्रोटोकॉल महेंद्र प्रताप, पुलिस उप अधीक्षक प्रणव चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, अध्यापक, छात्र, अभिभावक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।